तारा

तार तू तार क्यों है?
मन का एक सितारा क्योंहै?
सोते जब सब,
तू जागता क्यों है?
दिन की परछाइयों से,
भागता क्यों है?
चाँद में दाग है,
पर तू तो बेदाग है?
                      -विकास पाण्डेय

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