अनिद्रा की चिंता को दूर करें, कैसे ?


जब आप ठीक से नहीं सो पाते, तो क्यों चिंतित होतें है। अगर ऐसा है तो आप को शायद यह जानकारी रोचक लगे कि प्रसिद्ध अन्तराष्ट्रिय वकील अंटरमायर अपने पूरे जीवन में एक रात भी ठीक से नहीं सो पाये। जब अंटरमायर कॉलेज गए तो वह दो रोगों के बारे में चिंतित थे, अस्थमा और अनिद्रा। चूँकि दोनों ही बीमारियाँ लाइलाज साबित हुई, इसलिए उन्होंने अगला सर्वश्रेष्ठ काम करने का फैसला किया - अपने जागते रहने से लाभ उठाना। बिस्तर पर करवटें बदलते रहना और चिंता कर करके ब्रेकडाउन का शिकार बनने के बजाए, वे उठ जाते थे और पढ़ते थे। परिणाम, वे अपनी कक्षा में सबसे अच्छे नंबर लाने लगे और न्यूयार्क के सिटी कॉलेज के सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने से एक बन गए। 
          जब उन्होंने वकालत शुरू की तब भी उनकी अनिद्रा ठीक नहीं हुई। परंतु उन्होंने चिंता नहीं की। उनका कहना था -प्रकृति मेरा ध्यान रखेगी। प्रकृति ने ध्यान रखा। हालाँकि वे बहुत कम सो पाते थे परंतु उनका स्वास्थ्य अच्छा रहा और वे न्यूयार्क बार के युवा वकीलों की तरह कड़ी मेहनत कर सकते थे। वे बाकी वकीलों से ज्यादा कड़ी मेहनत करते थे, क्योकि वे तब भी काम करते थे जबी बाकी वकील सो जाते थे। 21 साल की उम्र में अंटरमायर एक साल में 75 हजार डॉलर कमा रहे थे, और दूसरे युवा वकील उनके तरीकों को सीखने के लिए अदालत में आते थे। 1931 में उन्हें एक केश के लिए शायद उस समय किसी वकील को दी जाने वाली सबसे ज्यादा फीस दी गयी : दस लाख डॉलर और वह भी नक़द।
          अब भी उन्हें अनिद्रा की बिमारी थी। वे आधी रात तक पढ़ते थे। और फिर सुबह पांच बजे उठ जाते थे, और चिठ्ठीयाँ डिक्टेट करवाते थे। जब ज्यादा तर लोग अपना काम शुरू करते थे, तब तक उनके दिन का आधा काम ख़त्म हो जाता था। वे 81 साल की उम्र तक जिए, वह आदमी जिसे शायद ही कभी रात को गहरी नींद आई हो, परन्तु अगर उन्होंने अनिद्रा के बारे में चिंता की होती, परेशान हुए होते तो शायद उन्होंने अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली होती।
          हम अपनी एक तिहाई जिंदगी सोने में बितातें है - परंतु कोई भी यह नहीं जानता कि नींद दरअसल क्या है। हम जानतें है कि यह एक आदत है और विश्राम एक ऐसी अवस्था है जिसमें प्रकृति हमारे शरीर में देखभाल का कवच बुनती है, परन्तु हम नहीं जानते कि इंसान को कितने घंटे की नींद की ज़रूरत होती है। हम तो यह भी नहीं जानते कि क्या हमें नींद की सचमुच ज़रूरत है।
अच्छी नींद की पहली ज़रूरत है सुरक्षा का भाव। हमें यह लगना चाहिए कि हमसे महान कोई शक्ति सुबह तक हमारी रक्षा करेगा। नींद लाने वाले सर्वश्रेष्ठ उपायों में से एक है प्रार्थना। जो लोग आदतन प्रार्थना करतें है, उनके लिए यह मस्तिष्क को शांत करने के समस्त उपायों में सबसे पूर्ण और सामान्य माना जाना चाहिये।
          "ईश्वर को याद करें ---और सब उस पर छोड़ दें।"

   

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